ईरानी विदेश मंत्री जवाद ज़रीफ़ ने देश में आयी बाढ़ के बारे में अपने अमरीकी समकक्ष माइक पोम्पियो की उनके ग़ैर पेशेवराना व जनोत्तेजक बयान की वजह से निंदा की। पोम्पियो ने अपने बयान में ईरान में आयी बाढ़ पर तेहरान की तय्यारी पर कटाक्ष किया था।
ईरान में आयी बाढ़ से दो दर्जन प्रांत प्रभावित हुए हैं।
19 मार्च से ईरान के 31 में से 24 प्रांत अचानक आयी बाढ़ से प्रभावित हुए। बाढ़ की स्थिति भीषण वर्षा की वजह से और ख़राब हो गयी। ईरान में पिछले एक दशक में इतनी भीषण वर्षा हुयी है।
रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ से अब तक 60 लोगों की मौत हो चुकी है। बाढ़ की वजह से दसियों हज़ार लोग, जिनमें ज़्यादातर ग्रामवासी हैं, अपना घर छोड़ कर शरणार्थी कैंपों में पनाह लेने पर मजबूर हुए, जबकि सैकड़ों लोगों को बाढ़ प्रभावित इलाक़ों से हेलीकॉप्टर से दूसरे स्थान पहुंचाया गया।
मंगलवार को अमरीकी विदेश मंत्री ने ईरान में राष्ट्रीय आपात स्थिति का दुरुपयोग करते हुए इस्लामी गणतंत्र पर हमला किया। उनके अनुसार, बाढ़ पर तेहरान की प्रतिक्रिया शहरी विकास और आपात स्थिति की तय्यारी में अस्तव्यस्तता को दर्शाती है।
ईरानी विदेश मंत्री ने गुरुवार को पोम्पियो के बयान की निंदा में ट्वीट कियाः "ऐसा लगता है कि पोम्पियो को पिछले 2 साल से अमरीका में प्राकृतिक आपदा की स्थिति में मची अस्तव्यस्तता का पता नहीं है और वह अभूतपूर्व बाढ़ की स्थिति के ईरान द्वारा प्रबंधन के बारे में ग़ैर पेशेवराना, हस्तक्षेपूर्ण और जनोत्तेजक बयान दे रहे हैं।"